World Happiness Foundation · खुशहाल गाँव
एक करघे से 600 गाँवों तक
खुशहाल गाँव शांति को घेरा-दर-घेरा बढ़ाता है: करघे पर बैठी बुनकर से उसके परिवार, पड़ोसियों और पूरे गाँव तक, फिर गाँवों के समूहों, ज़िले और राज्य तक। इसकी शुरुआत राजस्थान के मानपुरा से होती है, और इसे 600 गाँवों तक पहुँचने के लिए बनाया गया है।
जुड़ते घेरे
शांति घेरा-दर-घेरा बढ़ती है
हर घेरा वह जगह है जहाँ खुशी का अभ्यास होता है, उसे सँभाला जाता है और मापा जाता है। किसी घेरे पर टैप करें और देखें वहाँ क्या होता है और आप कैसे साथ दे सकते हैं।
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बदलाव की इकाई
गाँव
- यहाँ क्या होता है
- पूरा गाँव 12–18 महीने का सफ़र तय करता है, सुनने से लेकर खिलने तक।
- कौन आगे रहता है
- गाँव ख़ुद, ग्राम पंचायत, ग्राम सभा और महिला समूहों के साथ।
- हम क्या मापते हैं
- गाँव का अपना खुशी का नक्शा: भलाई की 8 परतें और दर्द व आघात के 7 क्षेत्र।
- आप यहाँ कैसे साथ दे सकते हैं
- एक गाँव के पूरे 12–18 महीने के सफ़र का ख़र्च उठाएँ। ढाणियों में: महिला घेरा प्रमुखों का प्रशिक्षण।
ताज़ा आँकड़े
कार्यक्रम अभी कहाँ है
1
जुड़े हुए गाँव
शुरुआत मानपुरा से
हुए घेरे
शुरुआत मानपुरा से
प्रशिक्षित प्रेरक
शुरुआत मानपुरा से
करघा समूह
चरण के अनुसार गाँव
सुनना
1
न्योता
0
नक्शा बनाना
0
अभ्यास
0
मिलकर बुनना
0
खिलना
0
तारीख़ 16 अक्टूबर 2026
नक्शा
नक्शे पर गाँव
गाँव
सफ़र
छह चरण, गाँव की अपनी रफ़्तार से
- 1
सुनना
हर ढाणी में जाना और पूछना कि गाँव ख़ुद खुशी में कैसे बढ़ना चाहता है।
- 2
न्योता
महिला समूहों, बुज़ुर्गों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और पंचायत को सफ़र गढ़ने का न्योता देना।
- 3
नक्शा बनाना
मिलकर भलाई का नक्शा बनाना: भलाई की 8 परतें और दर्द व आघात के 7 क्षेत्र।
- 4
अभ्यास
करघा, परिवार और महिला घेरों में हैप्पीनेस रिचुअल का अभ्यास।
- 5
मिलकर बुनना
घेरों को गाँव की अपनी संस्थाओं, गीतों और त्योहारों में बुनना।
- 6
खिलना
गाँव अपनी राह ख़ुद चलता है और अगले गाँव के साथ चलता है।
लहरें
10 → 50 → 200 → 600 गाँव
लहर 1
10
गाँव
लहर 2
50
गाँव
लहर 0 अभ्यास चरण में, नुक़सान का कोई संकेत नहीं
लहर 3
200
गाँव
मार्गदर्शक गाँव तैयार, प्रेरक प्रमाणित
लहर 4
600
गाँव
केंद्रों में लोग तैनात, आँकड़ों की गुणवत्ता बनी रहे
सिद्धांत
हम गाँवों के साथ कैसे चलते हैं
न्योता, दख़ल नहीं
महिलाएँ केंद्र में, सुरक्षित
हर ढाणी, कोई पीछे नहीं
जो पहले से है उसके साथ काम: पंचायत, महिला स्वयं सहायता समूह, आशा और आंगनवाड़ी, स्कूल
संस्कृति पहले: गीत, कहानी, त्योहार
कुछ भी ले जाया नहीं जाता: निष्कर्ष पहले गाँव को लौटते हैं
खुशहाल शहरों से जुड़ा
एक ही जाँच, शहर से गाँव तक
वही जाँच जो हमारे खुशहाल शहरों (Cities of Happiness) को राह दिखाती है, गाँव के जीवन के हिसाब से ढाली गई: भलाई की 8 परतें और ग्लोबल पेन एंड ट्रॉमा मैप के 7 क्षेत्र।
अपने स्तर पर साथ दें
अपने स्तर पर साथ दें
वह घेरा चुनें जहाँ आप मदद करना चाहते हैं। हम आपको ख़ुद जवाब देंगे।
World Happiness Foundation का एक कार्यक्रम। प्रमुख: प्रो. लुइस मिगेल गायार्डो।